⭕हज़रत इब्राहीम, हज़रत मूसा, हज़रत ईसा और हज़रत मोहम्मद सलवातुल्लाह अलैहिम की आत्मा पर अल्लाह की रहमत नाज़िल हो
◾शहीद ख़ामेनेई ने सन 1987 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी स्पीच, अल्लाह के महान पैग़म्बरों और उनके सच्चे अनुयाइयों के प्रति सम्मान के इज़्हार के साथ शुरू की थी।
◾ऐ अल्लाह! मेरी और मेरी क़ौम की तरफ़ से महान पैग़म्बरों ख़ास तौर पर हज़रत इब्राहीम, हज़रत मूसा, हज़रत ईसा और हज़रत मोहम्मद की आत्मा पर, कृतज्ञतापूर्ण रहमत नाज़िल कर, जिन्होंने इंसान को मुक्ति दिलाने और जागरुक बनाने वाला पैग़ाम, अपनी जान की क़ीमत पर पूरी दुनिया में फैलाया और उसे अमर बनाया। उन पाक और आत्मज्ञानी दिलों को सम्मानीय सलाम जिन्होंने उस पैग़ाम को सुना, ख़ास तौर पर उन को जिन्होंने उसके लिए जान क़ुर्बान कर दी।
🔸तत्कालीन ईरानी राष्ट्रपति शहीद इमाम ख़ामेनेई की सन 1987 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्पीच से उद्धरित
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