🏴 अहले बैत की छत्रछाया में पलने वाली हस्ती के क़दम जब क़ुम में पड़े
▪अहले बैत की छत्रछाया में पलने वाली हस्ती के क़दम जब क़ुम में पड़े तो यह शहर इल्म का अमर स्रोत बन गया।
इमाम ख़ामेनेई,
12-06-2021
▪हज़रत फ़ातेमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा जब इस इलाक़े में पहुंचीं तो आपने क़ुम आने की इच्छा जतायी। लोग गए, उनका स्वागत किया, हज़रत मासूमा को इस शहर में ले आए और यह प्रकाशमयी जगह उस दिन इस महान हस्ती के स्वर्गवास के बाद से ही इस शहर में अपनी बर्कत बिखेर रही है। क़ुम के लोगों ने उसी दिन से इस शहर में अहले बैत अलैहेमुस्सलाम की शिक्षाओं का केन्द्र क़ायम किया। क़ुरआन के व्याख्याकर और इस्लामी व क़ुरआनी आदेश के प्रचारक पूरब से पश्चिम तक पूरे इस्लामी जगत में भेजे। क़ुम से ही ख़ुरासान, इराक़ और...
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